✦ ॐ माँ त्रिपुर सुंदरीर जय ✦
“माँ श्री ललितात्रिपुर सुंदरी मन्दिर” MahaVidya.Academyपाठ करना सीखेंस्वयंसेवक बनें

ध्यान:
माँ त्रिपुरसुंदरी

माँ त्रिपुरसुंदरी का 254वाँ दिव्य नाम
श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् से

DhyānaDhyātruDhyeyaRoopā: जो तीनों रूपों में विद्यमान हैं: ध्यान, ध्याता और ध्येय। ध्यान का अर्थ है मन को समझना। अर्थात्, मन द्वारा कल्पित श्रीदेवी को समझकर उसी रूप में विलीन हो जाना ही ध्यान कहलाता है। यह भी ज्ञान की भाँति एक त्रिपुटी है। श्रीदेवी इसी त्रिपुटी के रूप में विद्यमान हैं।

ध्यान की पवित्र त्रिपुटी: "ललिता सहस्रनाम" का 254वाँ नाम
(Dhyāna-Dhyātṛ-Dhyeya-Rūpā)

Dhyātṛ: ध्याता
Dhyāna: ध्यान
Dhyeya: दिव्य ध्येय
यह सुन्दर दिव्य नाम सभी को स्मरण कराता है कि यात्रा, यात्री और गन्तव्य, सब एक ही हैं, नित्य परस्पर गुंथे हुए।
माँ श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी के आशीर्वाद से आपका ध्यान इस दिव्य एकत्व की गहन अनुभूति में विकसित हो।

व्हाट्सऐप आइकन