माँ त्रिपुर सुंदरी हमारी चेतना को शुद्ध करती हैं: मन को अयोग्य विचारों से निर्मल कर, सर्वत्र और हर वस्तु में सौन्दर्य दिखाकर, और समस्त अस्तित्व में एकता और अद्वैत का बोध जगाकर।
माँ त्रिपुर सुंदरी, जो माँ षोडशी नाम से भी जानी जाती हैं, उदीयमान सूर्य के प्रकाश से दीप्त होती हैं। दिव्य माता आनन्द, करुणा, प्रकाश और जाग्रत चेतना की अवस्था का स्वरूप हैं। दिव्य माता केवल वह सौन्दर्य नहीं हैं जो संसार में बाहर दिखाई देता है, अपितु वह सौन्दर्य भी हैं जो जाग्रत मन की गहराई में गूँजता है।