माँ श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् का 228वाँ दिव्य नाम है “महा यंत्र”
दिव्य माता, जो सृजित ब्रह्माण्ड को आशीर्वाद देती हैं।
अस्तित्व के सभी रूप उन प्रक्रियाओं के अंग हैं, जो समय, अस्तित्व और चेतनाओं का विस्तार करती हैं, ताकि दिव्य संकल्प को “अभिव्यक्त” किया जा सके:
“महा तंत्र”।
दिव्य माता “महा यंत्र”, अर्थात् दिव्य रचना, का आशीर्वाद देती हैं, जो महा तंत्र को अभिव्यक्त करता है, और उन सभी यंत्रों की रक्षा करता है जो समाहित हैं
“महा यंत्र” में।
