ॐ माँ त्रिपुर सुंदरीर जय
Om Maa Tripura Sundarir Jai
“माँ श्री ललिता
त्रिपुर सुंदरी मन्दिर”MahaVidya.Academyपाठ करना सीखेंस्वयंसेवक बनें MahaVidya.AcademyLearn to ReciteJoin as Volunteer
पूजा
माता श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी ही हैं “माता श्रीमत् माँ त्रिपुर सुंदरी”, श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् से 997वाँ दिव्य नाम

Mata Sri Lalitha Tripura Sundari Is “Mata Srimath Maa Tripura Sundari” The 997th Divine Name From Sri Lalitha SahasraNama Stotram

माता श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी ही हैं “माता श्रीमत् माँ त्रिपुर सुंदरी”
दिव्य माता, जो तीनों आयामों पर शासन करती हैं
पारम्परिक व्याख्याएँ प्रायः “त्रिपुर” को चेतना की उन तीन अवस्थाओं से जोड़ती हैं, जिन पर माता श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी शासन करती हैं।

गूढ़ साधक-समुदाय “त्रिपुर” का वर्णन इस प्रकार करते हैं:

1) विचार का लोक (जाग्रत अर्थात् जागरण)

2) चित्त और विचार के बीच का लोक (सुषुप्त निद्रा अर्थात् चेतना)

3) चित्त के द्वारा गम्य दिव्य लोक (निद्रा तुरीया अर्थात् लोकोत्तर आयाम)

1) realm of thought (jagrat or waking)

2) realm between chitta and thought (shushupta nidra or consciousness)

3) Divine Realm approachable through chitta (nidra turiya or Otherworldly Dimensions)

WhatsApp चिह्न
Englishहिन्दीবাংলা
Englishहिन्दीবাংলা