माता श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी ही हैं “माता श्रीमत् माँ त्रिपुर सुंदरी”
दिव्य माता, जो तीनों आयामों पर शासन करती हैं
पारम्परिक व्याख्याएँ प्रायः “त्रिपुर” को चेतना की उन तीन अवस्थाओं से जोड़ती हैं, जिन पर माता श्री ललिता त्रिपुर सुंदरी शासन करती हैं।
गूढ़ साधक-समुदाय “त्रिपुर” का वर्णन इस प्रकार करते हैं:
1) विचार का लोक (जाग्रत अर्थात् जागरण)
2) चित्त और विचार के बीच का लोक (सुषुप्त निद्रा अर्थात् चेतना)
3) चित्त के द्वारा गम्य दिव्य लोक (निद्रा तुरीया अर्थात् लोकोत्तर आयाम)
